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IAS अफसर कैसे बनें? How to become Indian Administrative Service Officer

IAS अफसर कैसे बनें? How to become Indian Administrative Service Officer
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  • IAS अफसर कैसे बनें?

प्रत्येक व्यक्ति जीवन में सफलता पाना चाहता है,आधुनिक जीवन में युवा अक्सर अपने करियर को लेकर काफी सजग रहते हैं। अधिकतर लोग ऐसे प्रतिष्ठित नौकरी करना चाहते हैं जिससे ना सिर्फ उनको और मोटी रकम वाले वेतन मिले बल्कि अपने देश के प्रति कुछ बदलाव लाने के लिए अहम जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने की तमन्ना रखते हैं।यदि आप भी देश के सरकारी नौकरी के माध्यम से गौरवाविंत पदों पर पहुंचने की अभिलाषा रखते हैं तो सिविल सर्विस परीक्षा के जरिये आपको बेहतरीन अवसर मिलता है।सिविल सेवा परीक्षा हमारे देश(भारत) के सर्वोच्च प्रतियोगी परीक्षा है इस प्रतियोगी परीक्षाओं में  बैठने वाले अभ्यर्थियों के बीच अत्यंत कड़ी प्रतियोगिता होती है और प्रत्येक अंक काफी महत्वपूर्ण है।सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम के माध्यम से हमारे देश में केंद्र एवं राज्य स्तर की सिविल सेवाओं के अधिकारी जो विधायिका तथा कार्यपालिका एवं न्यायपालिका में अहम भूमिका निभाते हैं उन्हें चुना जाता है।इसकी परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा देशभर में आयोजित किया जाता है। करीब 1 साल की अवधि वाले इस परीक्षा में परीक्षा के स्तर होते हैं-(1)प्रारंभिक परीक्षा (2) मुख्य परीक्षा (3) साक्षात्कार(Interview)। इन तीनों परीक्षा पास करने के बाद एक अंतिम रिजल्ट यूपीएससी द्वारा निकाला जाता है, उसके तत्पश्चात मेरिट के आधार पर सिविल सेवा परीक्षा के अंतर्गत आने वाले विभिन्न पदों को योग्यता अनुसार, क्रमानुसार,काडर के अनुसार इसके अलावा इनसाइडर और  आउटसाइडर के नियमों इत्यादि क्रियाकलापों को ध्यान में रखते हुए योग्य उम्मीदवारों का चयनित किया जाता है।इस परीक्षा के जरिए चुने जाने वाले परीक्षार्थी को अधिकारी का दर्जा दिया जाता है जिनके पास लोगों को मदद करने का सरकारी अधिकार, संविधान में वैधानिक शक्तियां, पैसा इत्यादि सरकार द्वारा दी जाती है। सिविल सेवा का तात्पर्य होता है वैसे सरकार के अधीन आने वाले अधिकारियों का समूह जो देश में चल रहे हैं संडे मंडे वाले कानून को अपने अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों में लागू करवाते हैं।इसके अलावा सरकार द्वारा महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों का क्रियान्वयन तथा उसे बेहतर तरीके से एक- आम जनता तक सरकारी सुविधाओं से ना सिर्फ परिचित कराता है बल्कि वंचितों के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं को प्रदान और प्रबंध करने का काम भी करता है।

यूपीएससी द्वारा संचालन(conduct) होने वाली सिविल सर्विस एग्जाम में  कुल 24 पदों के लिए सिलेक्शन होता है जिनमें सर्वोच्च पद IAS का होता है जो की इस परीक्षा में टॉप रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को IAS बनाया जाता है।  IAS एक भारतीय लोकतंत्र के ध्वजवाहक के रूप में संबोधित किए जाते हैं इनकी भूमिका काफी अहम होता है।वैसे प्रत्येक व्यक्ति जो सिविल सेवा परीक्षा तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं उनकी IAS बनाने की महत्वकांक्षा होती है परंतु विस्तृत रूप से सही जानकारी एवं मार्गदर्शन के  कारगर रणनीति नहीं बना पाते हैं, जिस वजह से उन्हें असफलता हासिल होती है।परन्तु सही मार्गदर्शन और पूरी जानकारी के साथ कुछ करने का लग्न हो तो इसमें काफी कम समय में सफलता हासिल किया जा सकता है।

  • IAS क्या है?

IAS अर्थात Indian Administrative Service जिसे हिंदी में भारतीय प्रशासनिक सेवा कहा जाता है।संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद चयनित किये जाते है।साल में एक बार इसकी परीक्षा तीन चरणों में ली जाती है। इंटरव्यू क्लियर करने  के साथ-साथ से उत्तीर्ण होने वाले अभ्यार्थियों को ही IAS बनाया जाता है।IAS अधिकारी नीतियां या कानून बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। 

  • शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा- 

सिविल सेवा परीक्षा में आवेदन के लिए उम्मीदवार को मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से किसी भी विश्विद्यालय या कॉलेज से कोई भी विषय या  किसी भी संकाय से स्नातक उत्तीर्ण होना जरूरी है।उम्मीदवार की आयु की बात करें तो न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 32 वर्ष निर्धारित की गयी है।  आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमानुसार आयु सीमा में अलग-अलग कैटेगरी के लिए छूट का भी प्रावधान है।

  • परीक्षा-

IAS बनने के लिए कैसी द्वारा परीक्षा के तीन चरण होते हैं(1) प्रथम चरण (Tier-1) (2) द्वितीय चरण(Tier-2) (3) साक्षात्कार(Interview)।

प्रथम चरण अर्थात Preliminary Exam में 200-200  अंको के दो (पेपर)प्रश्न पत्र पूछे जाते हैं, वस्तुनिष्ठ प्रकार की होती है, जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। पहला पेपर सामान्य अध्ययन का होता है जिसमें 100 प्रश्न पूछे जाते हैं जिसकी समयावधि 2 घंटे की होती है। दूसरा प्रश्न पत्र CSAT का होता है जिसकी  प्रश्नों की संख्या 80 होती है जिसकी अवधि 2 घंटे की होती है। दूसरा प्रश्नपत्र सिर्फ क्वालीफाइंग पेपर होता है जिनमें केवल 200 में से 66 अंक पास करने के लिए लाइन होते हैं। जबकि पहला पेपर मेरिट बनाती है उसी के आधार पर द्वितीय चरण अर्थात मेंस एग्जाम में बैठने की अनुमति दी जाती है।

           द्वितीय चरण(Mains-Exam)-  MAINS का एग्जाम काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसके अंक फाइनल एग्जाम के परिणाम  में जोड़ी जाती है। जबकि प्रीलिम्स एग्जाम के अंक का गिनती नहीं की जाती सिर्फ MAINS के परीक्षा में बैठने के लिए प्रकिया है।MAINS EXAM में कुल 9 पेपर देने होते हैं जिसमे कुल अंक 1750 निर्धारित किये गए हैं।जिनमें से 2 क्वालीफाइंग पेपर होते हैं जो एक अंग्रेजी की होती है और दूसरी भाषा(Language  की। इस परीक्षा में सामान्य वर्ग के लोग अधिकतम 6 बार Attempt कर सकते हैं। अन्य वर्ग के लोगों के लिए अलग अलग Attempts का प्रावधान है।

  • साक्षात्कार(Interview)-

संघ लोक सेवा आयोग में  इंटरव्यू काफी महत्वपूर्ण मायने रखता है,इंटरव्यू में प्रदर्शन अन्य लिखित परीक्षा 22 मार्च अन्य प्रांत की तरह है। इंटरव्यू में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम अनिवार्य का प्रावधान नहीं है। इसीलिए यह लिखित परीक्षा से भी ज्यादा अहम माना जाता है क्योंकि लिखित परीक्षा में उम्मीदवारों के प्राप्तांक को में काफी कम अंतर होता है जिससे इंटरव्यू  IAS की रैंकिंग के लिए काफी निर्णायक भूमिका निभाता है। अंको के परिणाम के आधार पर हीं फलस्वरूप सेवा और काडर आवंटन किया जाता है।