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जूनियर इंजीनियर कैसे बने? How to become Junior Engineer

जूनियर इंजीनियर कैसे बने? How to become Junior Engineer
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  • जूनियर इंजीनियर से सबंधित पूरी जानकारी 

समय की चाल ,ज्ञान के विस्तार और भविष्य की मांग ने विज्ञान को पूरी तरह से बदल कर नई दिशा प्रदान किया हैIहाल के वर्षों में देखा जाए तो निरंतर वैज्ञानिक शोधों और नए- नए अविष्कार खोजो का ही परिणाम है कि आज हम अपने चारों ओर अनेक प्रकार के ऐसे उपकरणों(यंत्र) जो एक विस्मयकारी हो विज्ञान की देन हैI तेज रफ्तार से आगे बढ़ते विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में ना सिर्फ वैज्ञानिकों का बल्कि इंजीनियरों का भी अहम् योगदान रहा हैIआधुनिक युग पूरी तरह से डिजिटल  हो गया है हर संस्था, हर प्रोफेशन में अपनी तकनीकी(Technology) दक्षता में पारंगत होना चाहतें हैI लोग अपने रुचि के क्षेत्रों और पसंदीदा विषय पर विचार कर तकनीकी उद्योग में ऐसे कई भी  क्षेत्र हैं जहां एक सुनहरा कैरियर बना सकते हैंI जूनियर इंजीनियर उन्हीं में से एक है जो तकनीकी क्षेत्रों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों का सफलता का राह बन सकता हैI यही कारण है कि भारत सरकार युवाओं के लिए अब ज्यादा से ज्यादा कौशल आधारित कोर्स शुरू करने पर भी जोर दे रही है ताकि कोई भी व्यक्ति तकनिकी क्षेत्रों में विकासशील देशों जैसा  जो तकनीकी क्षेत्रों में हम से आगे हैं वैसा बन कर आत्मनिर्भर होकर देश के विकास में कदम से कदम मिला कर चलेंI जूनियर इंजीनियर को कनिष्ठ अभियंता या JE भी कहा जाता हैI इस आलेख के जरिये जानेंगे JE और उससे जुड़े अन्य विस्तृत जानकारीI

  • जूनियर इंजीनियर  कैसे बने?(How to become Junior Engineer or JE?) 

जूनियर इंजीनियर में कई तरह के विकल्प है अगर आप  विज्ञान विषयों से 10वीं या 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण कर लिया है तो उसके बाद (डिप्लोमा) पॉलिटेक्निक कर आसानी से जूनियर इंजीनियर के  क्षेत्र में करियर कोनया आयाम दिया जा सकता हैI 12वीं के बाद डिप्लोमा की अवधि 2 साल की होती हैI पॉलिटेक्निक संस्थान से आप कंप्यूटर इंजीनियरिंग, मेक इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग ,ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग  जैसे क्षेत्र में डिप्लोमा करके आसानी से रोजगार प्राप्त कर सकते हैंI बहुत सारे महत्वाकांक्षी विद्यार्थियों के मन में इंजीनियर बनने का सपना रहता है परंतु अपने आर्थिक तंगी के कारण वह आगे के पढ़ाई अर्थात B.TECH जैसे उच्च शिक्षा जो 4 साल की होती है पूरी करने में असमर्थ होते हैंI  वैसे छात्र और युवाओं के लिए पॉलिटेक्निक एक सुनहरा अवसर लेकर आता है उन्हें तकनीकी और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों का विकल्प  प्रदान करता हैI इस पाठ्यक्रम के पूरी करने के बाद व्यक्ति अपनी योग्यता के अनुसार व्यवसाय शुरू करता है या नौकरी आसानी से मिल जाती हैI देश में अनेक प्रकार के पॉलिटेक्निक संस्थान है जो राज्य स्तर पर और केंद्र स्तर पर सरकारी, निजी भी  हैं जो एक उच्च गुणवत्ता के साथ प्रक्षिक्षण देते हैंIआप इनमें दाखिला पाकर बहुत ही कम समय में अपने करियर को बेहतर बना सकते हैं पढाई पूरी करने के बाद आमतौर पर जूनियर इंजीनियर बनने का रास्ता विभिन्न कंपनियों विभिन्न संस्थानों में खुल जाता हैI 

  • पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा (Polytechnic entrance exam)

यदि आप सरकारी संस्थान या कॉलेज से पॉलिटेक्निक करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको  न्यूनतम दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण 50 फीसदी अंक के साथ होना अनिवार्य हैI राज्य सरकार द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा  को उत्तीर्ण कर सरकारी कॉलेजों में नामांकन दाखिला करा सकते हैंI सरकार द्वारा न्यूनतम राशियों में आसानी से जूनियर इंजीनियर बन सकते हैंI प्रवेश परीक्षा में ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न  पूछे जाते हैं जिनकी संख्या 120 या 150 होती हैI जिसमें गणित ,भौतिकी विज्ञान ,रसायनिक विज्ञान, अंग्रेजी से प्रश्न पूछे जाते हैंI अच्छे अंकों से प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद काउंसिलिंग द्वारा कम पैसों  में बेस्ट कॉलेज से आप पॉलिटेक्निक कर जूनियर इंजीनियर बनने का सपना को साकार कर सकते हैंI दसवीं के बाद 3 साल का और बारहवीं के बाद 2 साल का पॉलिटेक्निक कोर्स होता हैI 

  • पॉलिटेक्निक इंजीनियरिंग कोर्स से सबंधित ब्रांच- 

पॉलिटेक्निक संस्थानों में अलग-अलग विषयों में प्रायोगिक और थ्योरी को अच्छे से सिखाया जाता है इनमें केमिकल इंजीनियरिंग ,कंप्यूटर इंजीनियरिंग ,मेकेनिकल इंजीनियर,ऑटोमोबाइल इंजीनियर, सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड वेकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चरल इंजीनियरिंग,टैक्सटाइल इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग, ऑफिस मैनेजमेंट एंड कंप्यूटर एप्लीकेशन इत्यादि है आप अपने रूचि अनुसार ब्रांच चुनकर पढ़ाई कर सकते हैंI हर ब्रांच में  अलग -अलग पाठ्यक्रम होती है उसी अनुसार प्रायोगिक और थ्योरी पढ़ाई कराई जाती हैI इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स के वर्ष के छात्र भविष्य में B.TECH की डिग्री भी हासिल कर सकते हैंI ऐसे छात्रों को लेटरल एंट्री के तहत प्रवेश दिया जाता हैI 

  • जूनियर इंजीनियर का वेतन-(Salary of Junior Engineer)

हाल हीँ  के एक सर्वेक्षण के अनुसार पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारक छात्रों के नौकरी पाने की संभावना अधिक रहती हैI  कंपनियों को निचले स्तर पर जूनियर इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञों की जरूरत होती हैI प्रत्येक वर्ष अवसरों की संख्या में इजाफा और वेतन में भी इजाफा होता है आमतौर पर नए जूनियर इंजीनियर को प्रतिभा वेतन 20,000  से ₹25,000 मिलते हैंI अनुभव के साथ -साथ या वेतन लाखों में तब्दील हो जाते हैंI ऐसे युवाओं को अपने कुशलता के दम पर विदेशों में भी मौक़ा मिलने की काफी संभावना रहती हैI कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी आईटी क्षेत्र की कंपनियों में  मिलने वाले अवसरों को अधिक फायदा उठाते हैं क्योंकि आधुनिक युग डिजिटल क्रांति का युग है और हर कंपनी -हर संस्थान वैसे कुशल प्रतिभाओं को अपने पास रखना चाहती हैI दूसरे शब्दों में बोला जाए तो जैसे -जैसे सूचना तकनीक का विस्तार हो रहा है वैसे -वैसे इसमें कुशल लोगों की मांग बढ़ रही हैI 

  • प्रमुख संस्थान-(Premier institute)
  • साईं नाथ विश्वविद्यालय ,रांची 
  • साईं नाथ कॉलेज ,आगरा 
  • नेशनल पॉलिटेक्निक विश्वविद्यालय ,कोटा 
  • बोर्ड ऑफ़ टेक्निकल संस्थान,लखनऊ 
  • पालक्कड़ पॉलिटेक्निक कॉलेज,केरल
  • कलिंगा पॉलिटेक्निक कॉलेज ,भुवनेश्वर 
  • गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज ,पुणे 
  • गवर्नमेंट विमेंस पॉलिटेक्निक कॉलेज ,पटना 
  • अनंदा मर्गा पॉलिटेक्निक कॉलेज ,कोलार 

इसके अलावा राज्य स्तर पर चल रहे निजी और सरकारी संस्थानों की काफी लंबी सूची है जो मान्यता प्राप्त के साथ-साथ एक बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था करते हैंI